Someday . . .

You live in an illusion that people like you. It is not true. You think that the people that know of you have a certain liking towards you. You are wrong. It is not true. You bring in a past where they knew of you to reason their present likeness towards you. You think they … Continue reading Someday . . .

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They sit together, they feast together

The June nine sun is shining. A cool breeze blows sporadically. Every once in a while it brushes off the perspiration gathered by the pressure in the air of a June nine hot and humid partly summer partly monsoon day. In the shade of an 11’o clock sun a woman washes clothes by prioritizing them … Continue reading They sit together, they feast together

एक रात की कहानी

कहते हैं जानवरों को खबर किसी अनहोनी की इनसानों से पहले हो जाती है, कहते हैं वो रो पहले लेते हैं इनसानों से। गली के चौराहे में कुछ कुत्तों को रोते सुना था  मैंने आज शाम में, ये कहना आखिर सच्च ही हुआ, आज रात मर गया है कोई पास की गली के एक मकान … Continue reading एक रात की कहानी

ज़िंदगी कीमती है ?

पति-पत्नी में बहस हुई है बहुत भयंकर, पत्नी रसोई में खड़ी है चूल्हे के सामने, पति बैठा है बाहर कुर्सी पे, टांगें मेज़ पर रख सिगरेट पी रहा है। रसोई में गया तो उसे बू आई मिट्टी के तेल की, पत्नी ने अपने जिस्म पर छिड़का है तेल, चूल्हे के सामने खड़ी वो एक खेल … Continue reading ज़िंदगी कीमती है ?